एलोवेरा के फायदे,नुकसान और उपयोग

एलोवेरा एक छोटा सा पौधा होता है जिसमें मोटे और गुद्देदार पत्ते होते हैं। यह पत्ते पतले एवं नुकीले होते हैं और इसके अंदर पाया जाने वाला गुद्दे अथवा जेल (gel) का ही महत्व होता है। एलोवेरा की 300-400 प्रजातियां होती है पर  इनमें सिर्फ 10 प्रजातियां ही इस्तेमाल करने लायक होती हैं। एलोवेरा का इस्तेमाल कई जड़ी-बूटियों को बनाने में किया जाता रहा है तो साथ ही इसका इस्तेमाल त्वचा की खूबसूरती और स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है।

आज Desiluft.Com के इस लेख में आप जानेंगे-

  1. एलोवेरा के अंदर कौन-कौन से तत्व होते हैं?
  2. इसके क्या फायदे होते हैं?
  3. इसका उपयोग कैसे किया जाए? और
  4. एलोवेरा का नुकसान कब होता है?

तो आइए जानते हैं एलोवेरा में कौन-कौन से मुख्य तत्व पाए जाते हैं:

एलोवेरा में पाए जाने वाले मुख्य तत्व:

  1.     कैल्शियम
  2.     कॉपर
  3.     क्रोमियम
  4.     सोडियम
  5.     सेलेनियम
  6.     मैग्नीशियम
  7.     पोटेशियम
  8.     मैग्नीज
  9.     जिंक
  10.     विटामिन-B
  11.     विटामिन-C
  12.     विटामिन-A
  13.     विटामिन-B12
  14.     फॉलिक एसिड

एलोवेरा के प्रकार  / Types of aloe vera in Hindi

एलोवेरा के कई प्रकार होते हैं पर उनमें से मुख्यतः इन 5 एलोवेरा की प्रजातियों का इस्तेमाल ही ज़्यादा होता है:

  1. एलो बार्बाडेन्सीस
  2. टाइगर एलो
  3. क्लाइम्बिंग एलो
  4. एलो डेस्कइन्गसी
  5. रेड एलो

एलोवेरा के फायदे / Benefits of aloe vera

in Hindi

1) आँखों के लिए – एलोवेरा में विटामिन-A की समृद्ध मात्रा होती है और विटामिन-A आंखों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। यदि आप रोज़ खाली पेट में एलोवेरा जूस का सेवन करते हैं तो यह आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ाने में आपकी मदद करता है। यदि आपको आंखों से संबंधित कोई समस्या है जैसे कि कोई संक्रमण या किच्ची आना तो इन समस्याओं को भी एलोवेरा ठीक करता है।

2) वज़न करे कम – एलोवेरा में फाइबर और विटामिन-C की समृद्ध मात्रा होती है जो आपके मेटाबॉलिज्म को ठीक करता है जिसके कारण आपका असली वज़न आपके सामने आने लगता है। इसका निरंतर सेवन करने से आपको आपका सही आकार मिलने में मदद मिलती है। अगर आप मोटे होंगे तो आप पतले होने लगेंगे और यदि आप पतले होंगे तो यह आपके वजन को बढ़ाने में आपकी मदद करेगा।

3) कॉन्स्टिपेशन – वह मरीज जिन्हें कॉन्स्टिपेशन अर्थात कब्ज की समस्या है उन लोगों के लिए एलोवेरा बहुत ही कारगर साबित हो सकती है। एलोवेरा अपने फाइबर की वजह से पाचनतंत्र को काफी मजबूत बनाता है और छोटी आंत और बड़ी आंत में बाउल मूवमेंट को बढ़ा देता है जिसके कारण पेट का सारा कचरा आसानी से साफ होने लगता है और मल त्याग करने में दिक्कत नहीं होती।

4) पंचनतंत्र – पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के लिए एलोवेरा दुनिया के सबसे बेहतरीन आयुर्वेदिक दवाओं में से एक माना जाता है। यदि आपके पाचन तंत्र में किसी प्रकार की भी समस्या है तो आप उसे ठीक करने के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि आप एलोवेरा का जूस रोज सुबह खाली पेट में पीते हैं तो यह आपके कमजोर पाचनतंत्र, कब्ज, एसिडिटी, पेट फूलना, पेट दर्द पेट में गैस जैसी कई समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है।

5) डायबिटीज – एलोवेरा डायबिटीज के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। एलोवेरा में एन्टी डायबिटिक गुण पाए जाते हैं जिसके कारण एलोवेरा खून में मौजूद शुगर लेवल को कम करता है वहीं ग्लूकोज के लेवल को बढ़ाता है। एक रिसर्च में यह बात सामने आई थी कि यह आपके पेनक्रिएटिक ग्लैंड को भी एक्टिव करने में मदद कर सकता है जिसके कारण इंसुलिन फिर से बनने में मदद मिल सकती है।

6) कोलेस्ट्रॉल – NCBI की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार एलोवेरा खून में मौजूद बैड कोलेस्ट्रोल को कम करने में काफी सहायता करता है हालांकि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि सिर्फ एलोवेरा के जूस का सेवन करने से आपका कोलेस्ट्रोल पूरी तरह से कंट्रोल में आ जाएगा इसके लिए आपको अपनी डाइट पर भी ध्यान देना होगा और योग एवं एक्सरसाइज भी करनी पड़ेगी तभी जाकर आपका कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहेगा।

7) हार्ट के लिए – कोलेस्ट्रोल और दिल का नाता हमेशा से रहा है। यदि आपके खून में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होगी तो यह आपके दिल के लिए बैड न्यूज़ है। एलोवेरा अपने हाइपोकोलेस्ट्रॉलूमिक इफेक्ट के कारण कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कंट्रोल में रखने में मदद करता है जिसके कारण आपको दिल से संबंधित बीमारियां कम होती है और हार्ट स्ट्रोक का खतरा भी कम हो जाता है।

8) गठिया – वह लोग जिन्हें जोड़ों में दर्द या गठिया की समस्या है उन लोगों के लिए भी घृत कुमारी अर्थात एलोवेरा बहुत ही लाभदायक होता है। घृतकुमारी में मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है और हड्डियों को रिपेयर करता है वहीं एलोवेरा में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण आपको आपके गठिया और जोड़ों के दर्द को कम करने में सहायता करता है।

9) पेट का अलसर – पेट के लिए भी एलोवेरा बहुत ही फायदेमंद होता है। पेट का अल्सर एक प्रकार का पेट का अंदरूनी घाव होता है जो गलत खानपान की आदतों की वजह से हो जाता है। पेट का अल्सर कैंसर का शुरुआती लक्षण भी माना जाता है इसलिए भी इस पर ध्यान देना ज्यादा आवश्यक हो जाता है। यदि आप एलोवेरा के जूस का सेवन प्रतिदिन करते हैं तो आपके पेट के अल्सर को ठीक होने में काफी मदद मिलती है। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आप एलोवेरा का जूस पिएंगे तो आपके पेट का अल्सर पूरी तरह से ठीक हो जाएगा, हां ये ज़रूर है कि एलोवेरा के सेवन से आपके पेट के अल्सर को ठीक करने में मदद जरूर मिलेगी पर आपको डॉक्टर के पास अवश्य जाना चाहिए और अपना इलाज कराना चाहिए।

10) मुँह के स्वास्थ के लिए – कई कंपनियां एलोवेरा का इस्तेमाल करके टूथपेस्ट बनाती हैं क्योंकि यह बड़ी-बड़ी कंपनियां जानती है कि एलोवेरा मुंह और दांतो के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। यदि आप एलोवेरा के जेल से अपने दांतो और मसूड़ों की सफाई एवं मसाज करते हैं तो इससे आपके दांत और मसूड़े मजबूत एवं स्वस्थ बनते हैं वहीं यदि आप एलोवेरा जूस से अपने मुंह का खुला करते हैं तो मुंह में मौजूद संक्रमण भी कम होते हैं।

11) इम्युनिटी – इम्यूनिटी, यह एक बहुत बड़ा फैक्टर होता है आपके शरीर से बीमारियों को दूर रखने के लिए। इम्यूनिटी एक प्रकार का शारीरिक कवच है जो प्रकृति ने इंसान को प्रदान किए हैं। अगर आपके शरीर की इम्युनिटी मजबूत रहेगी तो बड़ी-बड़ी बीमारियां आपको छू भी नहीं पाएंगी पर हमारी बुरी आदतों की वजह से जैसे कि समय पर ना खाना, स्वस्थ खाना ना खाना, ज्यादा जंक फूड का सेवन करना, समय पर ना सोना आदि  हमारी इम्यूनिटी को कमजोर कर देता  है पर यदि आप एलोवेरा का जूस पीना शुरु कर देते हैं तो यह आपकी इम्यूनिटी को फिर से रिपेयर कर देता है और आपके शरीर का कवच मज़बूत बनता है।

त्वचा के लिए एलोवेरा के फायदे

12) सनबर्न – कई बार ज्यादा धूप में रहने की वजह से सनबर्न यानी कि सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों की वजह से त्वचा को काफी नुकसान पहुंचता है और त्वचा भी सांवली पड़ जाती है ऐसी अवस्था में सनबर्न को ठीक करने के लिए एलोवेरा बहुत ही कारगर होता है। यदि आप रात में सोने से पहले या बाहर से घर आने के बाद चेहरे को अच्छी तरह धोकर एलोवेरा जेल से अपने चेहरे की मसाज करते हैं तो आपको आपका सनबर्न ठीक हो जाता है और आपकी त्वचा को पोषण मिलता है।

13) त्वचा का मॉइस्चर – एलोवेरा में मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं जिसके कारण यह आपकी त्वचा में नमी बनाए रखता है। जब आप एलोवेरा को अपनी त्वचा पर लगाते हैं तो यह आपकी त्वचा के छिद्रों में घुसकर एसेंशियल ऑइल्स को पैदा होने में मदद करता है जिसके कारण आपकी त्वचा रूखी नहीं होती और सॉफ्ट एवं मॉइश्चराइज्ड रहती है।

14) कील-मुहासे – युवाओं में कील मुहांसों की समस्या बहुत ही बड़ी होती है और युवा इस परेशानी से काफी असहज भी महसूस करते हैं पर एलोवेरा एंटीबैक्टीरियल गुण के साथ आता है इसलिए यह आपकी कील-मुहांसों को भी ठीक करता है। दरअसल जब आप एलोवेरा को अपने चेहरे पर लगाते हैं तो इसका एंटीबैक्टीरियल गुण आपकी त्वचा पर हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर देता है। वहीं संक्रमण को भी खत्म कर देता है जिसके कारण आपके कील मुंहासे धीरे-धीरे कम होने लग जाते हैं। यदि आपको कील-मुहांसों से जल्दी राहत चाहिए तो आप एलोवेरा जेल का इस्तेमाल अपने चेहरे पर तो करेंगे ही पर एलोवेरा जूस को भी रोज सुबह खाली पेट में पीना शुरू करें आपको रिजल्ट दुगनी तेजी से मिलेगा।

15) रिंकल्स करे कम – समय के साथ इंसान का शरीर बूढ़ा होता चला जाता है और त्वचा भी बूढ़ी होने लगती है पर बूढ़ा होना और बूढ़ा दिखने में काफी अंतर होता है। यदि आप एलोवेरा का इस्तेमाल अपनी त्वचा पर करना शुरू करें तो आप अपनी त्वचा के रिंकल और दाग-धब्बों को कम कर सकते हैं यानी कि आप अपनी त्वचा की जवानी को वापस लौटा सकते हैं। एलोवेरा जेल को अपने चेहरे पर लगाने से त्वचा की कसावट बढ़ती है और रिंकल्स में कमी आती है इसके लिए आप रोज रात में अपनी त्वचा को अच्छी तरह धोकर उस पर एलोवेरा जेल से मसाज करें 1 महीने ऐसा करने से आपको कमाल के फायदे नजर आएंगे।

16) घाव भरने में – कई बार चोट लग जाने पर या कट जाने पर कई लोगों के यह घाव जल्दी भरने लगते हैं जिनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है पर यदि आप एलोवेरा का इस्तेमाल अपने घाव पर करेंगे तो यह आपके घाव को जल्दी भरने में आपकी सहायता करेगा। अपने घाव पर रोज एलोवेरा जेल को लगाएं और एलोवेरा जूस का सेवन करें यह दुगनी तेजी से आपके घाव को भरने में आपकी मदद करता है साथ ही घाव के कारण त्वचा में होने वाले रह जाने वाले दाग को भी कम से कम कर देता है।

17) त्वचा की चमक बढ़ाए – एलोवेरा के इस्तेमाल से आपका सांवला चेहरा गोरा बिल्कुल नहीं होगा पर जैसा भी आपका चेहरा हो उसमें चमक जरूर आ जाएगी। दरअसल एलोवेरा जेल के अपने चेहरे पर इस्तेमाल करने से डेडसेल्स खत्म होने लग जाते हैं जिसके कारण आपके चेहरे की असली चमक बाहर आने लगती है साथ ही यदि आप एलोवेरा जूस का सेवन करते हैं तो यह आपकी त्वचा को अंदर से खूबसूरती प्रदान करता है।

बालों के लिए एलोवेरा के फायदे

18) डैंड्रफ – बालों में डैंड्रफ एक बहुत बड़ी समस्या है पर इसे ठीक करने में भी एलोवेरा आपकी मदद कर सकता है इसके लिए आपको 2 चम्मच बेसन और उसमें एक चम्मच एलोवेरा जेल और दो चम्मच नींबू का रस मिलाएं। अब इसे अच्छी तरह मिक्स करके इस पेस्ट को अपने स्कैल्प पर लगाएं और अच्छी तरह मालिश करें। कुछ देर मालिश करने के बाद इसे थोड़ी देर के लिए छोड़ दें और फिर ठंडे पानी से अपने बालों को शैंपू कर लें। आपके डैंड्रफ काफी हद तक कम हो जाएंगे।

19) झड़ते बाल – झड़ते बालों के लिए भी एलोवेरा काफी फायदेमंद होता है वह ऐसे कि इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं जो स्कैल्प में होने वाले संक्रमण को तो रोकता ही है साथ ही एलोवेरा में पाया जाने वाला विटामिन-C आपके बालों की जड़ों को मजबूत करता है। यदि आपको बाल से संबंधित कोई समस्या है तो आपको एलोवेरा जूस का सेवन अवश्य करना चाहिए आपको एक से डेढ़ महीने में फायदा नजर आने लगता है।

20) लंबे बाल – यदि आप अपने बालों को लंबा एवं घना करना चाहते हैं तो आप एलोवेरा के तेल का इस्तेमाल अपने बालों पर करना शुरू करें। एलोवेरा का तेल आपको बाजार में आसानी से मिल जाएगा इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण सभी प्रकार के संक्रमण को दूर रखेगा और इसमें मौजूद विटामिन-C और प्रोटीन आपके बालों को मजबूत लंबा एवं घना बनाने में मदद करेगा दुगनी तेजी से फायदा पाने के लिए एलोवेरा के जूस का भी सेवन करते रहे।

एलोवेरा का उपयोग कैसे करें ? / How to use aloe vera in Hindi ?

एलोवेरा का उपयोग आप 2 प्रकार से कर सकते हैं पहला एलोवेरा जेल और एलोवेरा जूस के रूप में, एलोवेरा जेल का इस्तेमाल ज्यादातर त्वचा में लगाने के लिए यानी कि बाहरी इस्तेमाल के लिए किया जाता है तो वहीं एलोवेरा जूस का उपयोग इसका सेवन करने के लिए किया जाता है तो आइए जानते हैं कि एलोवेरा जेल और एलोवेरा जूस को बनाया कैसे जाता है।

एलोवेरा जेल कैसे बनाते हैं ? / How to make ale vera gel in Hindi ?

एलोवेरा जेल आपको मार्केट में आसानी से मिल जाएगा पर यदि आप चाहें तो इसे घर में भी बना सकते हैं। इसके लिए आप एलोवेरा का एक टुकड़ा लेकर उसके ऊपर के परत को चाकू से साफ कर ले। उसके बाद एक पीला परत नज़र आएगा उसे पानी से अच्छी तरह धो लें और उसके जेल को चम्मच की मदद से कटोरे में निकाल ले अब उसी जेल को अपनी त्वचा या अपने चेहरे पर लगाकर अच्छी तरह मसाज कर सकते हैं।

एलोवेरा जूस कैसे बनाते हैं  / How to make aloe vera juice in Hindi ?

एलोवेरा जेल को जब आप निकाल लें तो उसी एलोवेरा जेल से एलोवेरा जूस भी बनाया जाता है। इसके लिए आप 1 ग्लास पानी लें और उसमें 2 चम्मच एलोवेरा जेल अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब स्वाद के लिए आप चाहे तो इसमें 2 चम्मच नींबू का रस मिला दें और एक चम्मच शहद मिला दें आपका एलोवेरा जूस तैयार है।

एलोवेरा जूस को पीने का सही समय क्या है

एलोवेरा जूस को पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट होता है क्योंकि इस समय आपका पेट पूरी तरह से खाली होता है और जब आप इसका सेवन करते हैं तो यह आपके पाचन तंत्र के द्वारा अच्छी तरह से पचा लिया जाता है और आपका शरीर एलोवेरा के सारे तत्वों को अच्छी तरह से सोख लेता है जिसके कारण इसका पूरा फायदा आपको मिलता है पर ध्यान रहे कि एलोवेरा जूस को पीने के बाद कम से कम 2 घंटे तक किसी अन्य चीज का सेवन ना करे।

एलोवेरा के नुकसान /  Side-effects of aloe vera in Hindi

एलोवेरा एक बहुत ही गुणकारी तत्व है इस बात से कोई इनकार नहीं किया जा सकता पर प्रकृति के नियम के अनुसार यदि किसी चीज का उपयोग जरूरत से ज्यादा किया जाएगा तो उसका नुकसान भी झेलना पड़ सकता है तो आइए जानते हैं कि यदि आप जरूरत से ज्यादा एलोवेरा का इस्तेमाल रोज करेंगे तो आपको क्या क्या नुकसान हो सकते हैं।

हाइपोग्लाइसीमिया – कई बार जब आप ज्यादा एलोवेरा का सेवन करना शुरू कर देते हैं तो यह आपके खून में मौजूद ब्लड शुगर लेवल को बहुत ज्यादा कम कर देता है जो खतरनाक हो सकता है।

पेट खराब – एलोवेरा में फाइबर की समृद्ध मात्रा होती है और जब एलोवेरा का ज्यादा सेवन किया जाए तो फाइबर की मात्रा बढ़ने के कारण पेट में गैस, अपच, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

अन्य – कई मामलों में ज्यादा एलोवेरा का इस्तेमाल करने के कारण डायरिया, किडनी समस्याएं, मसल वीकनेस, वेट लॉस, हार्ट प्रॉब्लम जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती है पर यह काफी कम मामलों में ही होता है और तभी होता है जब एलोवेरा का ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा हो।